58वां ज्ञानपीठ पुरस्कार 2025
भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 16 मई 2025 को संस्कृत विद्वान जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी को 58वें ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया।
इस पुरस्कार के दूसरे विजेता मशहूर कवि और शायर गुलजार अस्वस्थता के कारण समारोह में मौजूद नहीं थे।
राष्ट्रपति ने कहा –
“इस समारोह में गुलजार साहब उपस्थित नहीं हो पाए। मैं उनको भी ज्ञानपीठ पुरस्कार के लिए बधाई देती हूँ। मैं उन्हें शुभकामनाएं प्रेषित करती हूँ कि वे शीघ्र स्वस्थ होकर कला, साहित्य, समाज और देश को निरंतर योगदान देते रहें।”
इस अवॉर्ड समारोह का आयोजन नई दिल्ली के विज्ञान भवन में किया गया। यह पुरस्कार 2023 के लिए दिया गया है।
पिछले पुरस्कार
- 27 मई 2023 – 57वां ज्ञानपीठ पुरस्कार दामोदर मौज़ो (गोवा) को मिला।
- 59वें ज्ञानपीठ पुरस्कार के लिए विनोद कुमार शुक्ल को चुना गया है।
गुलजार (संपूर्ण सिंह कालरा)
- जन्म – 18 अगस्त 1934 (89 वर्ष)।
- प्रसिद्ध उर्दू कवि, लेखक और निर्देशक।
- 1963 की फिल्म बंदिनी में गीतकार के रूप में शुरुआत।
- 1970 के दशक – आंधी, मौसम जैसी फिल्में निर्देशित।
- 1980 के दशक – टीवी श्रृंखला मिर्जा गालिब।
- 1993 – टीवी श्रृंखला किरदार का निर्देशन।
गुलजार को मिले प्रमुख अवॉर्ड
- 2002 – उर्दू साहित्य के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार।
- 2004 – पद्म भूषण।
- 2002 – 5 राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार।
- 2013 – दादा साहब फाल्के पुरस्कार।
- 2009 – ऑस्कर (गीत जय हो, फिल्म स्लमडॉग मिलियनेयर)।
- 2010 – ग्रैमी पुरस्कार।
- 2024 – 58वें ज्ञानपीठ पुरस्कार के लिए चयन।
जगद्गुरु रामभद्राचार्य
- जन्म – 14 जनवरी 1950 (74 वर्ष)।
- हिंदू आध्यात्मिक नेता, शिक्षक और विद्वान।
- चार महाकाव्यों सहित 240 से अधिक ग्रंथों के लेखक।
- मध्य प्रदेश के चित्रकूट में तुलसी पीठ के संस्थापक और प्रमुख।
ज्ञानपीठ पुरस्कार
- भारतीय साहित्य का सर्वोच्च पुरस्कार।
- 1965 से प्रतिवर्ष प्रदान किया जा रहा है।
- भारतीय ज्ञानपीठ द्वारा दिया जाता है (स्थापना – 1944)।
- भारत का कोई भी नागरिक, जो आठवीं अनुसूची की 22 भाषाओं में लिखता है, पात्र है।
- पुरस्कार में प्रशस्ति पत्र, शॉल और ₹11 लाख प्रदान किए जाते हैं।